November 28, 2022
THE PRESS TV (द प्रेस टीवी)
79472121
Covid-19 Other राजनीति

प्रधानमंत्री ख़ुद सुपरस्प्रेडर, कोरोना की दूसरी लहर के लिए ज़िम्मेदार: आईएमए उपाध्यक्ष

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. नवजोत सिंह दहिया ने कहा कि जहां मेडिकल बिरादरी लोगों को कोविड के नियम-क़ायदे समझाने के लिए जी-जान से लगी हुई है, वहीं महामारी से संबंधित सब नियमों को हवा में उड़ाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बड़ी-बड़ी चुनावी रैलियां करने से कोई गुरेज़ नहीं किया.

नई दिल्ली: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. नवजोत सिंह दहिया ने देश में बढ़ती कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि वे खुद सुपरस्प्रेडर (संक्रमण फैलाने वाले) हैं.

डॉ. दहिया ने द ट्रिब्यून से कहा, ‘जहां मेडिकल बिरादरी लोगों को कोविड के नियम-कायदे समझाने के लिए जी-जान से लगी हुई है, वहीं महामारी से संबंधित सब कायदों को हवा में उड़ाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बड़ी-बड़ी चुनावी रैलियां करने से कोई गुरेज नहीं किया.’

उन्होंने आगे कहा कि इतने गंभीर स्वास्थ्य संकट के बावजूद चुनावी रैलियों, हरिद्वार में कुंभ जैसे धार्मिक आयोजन का होना इस खतरनाक वायरस के प्रसार को रोकने में मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़ा करते हैं.

उन्होंने कहा, ‘देश के बहुत से हिस्सों में मेडिकल ऑक्सीजन की कमी कई मरीजों की मौत की वजह बनी, जबकि ऑक्सीजन प्लांट को लेकर कई आवेदन स्वीकृति के लिए सालों से केंद्र के पास लंबित पड़े हैं, लेकिन इतनी महत्वपूर्ण जरूरत को लेकर मोदी सरकार द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया. ‘

उन्होंने इस अख़बार से कहा कि देश के लगभग हर शहर में श्मशानों में इकट्ठे हो रहे शव और अस्पतालों के बाहर लगी एंबुलेंस की लंबी कतार देश में महामारी के स्पष्ट प्रभाव को दिखा रही हैं.

प्रधानमंत्री द्वारा महामारी को संभालने में नाकामी का ठीकरा निजी मेडिकल क्षेत्र और राज्य सरकारों पर फोड़ने की तरफ इशारा करते हुए डॉ.दहिया ने कहा, ‘यहां तक कि कृषि कानूनों पर किसानों के विरोध के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिम्मेदारी से कुछ नहीं किया और उनकी समस्या का समाधान किये बिना कोविड संक्रमण के गंभीर जोखिम के बीच उनको बड़ी संख्या में एकत्र होने दिया.’

अमर उजाला के अनुसार डॉ. दहिया ने कोरोना की दूसरी लहर के प्रसार के लिए केंद्र सरकार की नीतियों को भी जिम्मेदार ठहराया.

उन्होंने एक प्रेस नोट भी जारी किया था, जिसमें कहा गया था, ‘बीते साल जनवरी में जब भारत में कोरोना संक्रमण का पहला मामला सामने आया था तो प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में नमस्ते ट्रंप का आयोजन कर हजारों लोगों को एकत्र किया. डब्लयूएचओ के दिशानिर्देशों को नजरअंदाज किया गया. वहीं महामारी की दूसरी लहर में जहां लोगों को मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग आदि नियमों का पालन करवाना चाहिए था वहां प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल में रैलियां करने में व्यस्त थे.

उल्लेखनीय है कि कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों द्वारा देश में महामारी की दूसरी लहर को काबू न कर पाने को लेकर मोदी सरकार की आलोचना की गई है.

बीते चौबीस घंटों में देश में कोरोना वायरस संक्रमण के रिकॉर्ड 3,60,960 नये मामले सामने आए हैं, जिसके बाद संक्रमण के कुल मामले 1,79,9,267 हो गए हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बुधवार सुबह तक के आंकड़ों के मुताबिक 3,293 और लोगों की मौत होने के बाद मृतक संख्या दो लाख को पार कर गई है.

Related posts

घूसखोर डिप्टी SP को योगी ने वापस दरोगा बनाया:रिश्वत लेते वायरल हुआ था VIDEO

presstv

एक टॉपर का ‘आतंकवादी’ होना-पढ़े पूरी खबर

presstv

गुजरात: दिवाली पर आतिशबाज़ी को लेकर सांप्रदायिक संघर्ष, 20 से अधिक लोग हिरासत में

presstv

Govind Namdev to return with Radhe Your Most Wanted Bhai: ‘Salman Khan comes with a lot of positivity’

Admin

50 हजार लोगों पर हुई रिसर्च में दावा:हृदय रोगों से बचना है तो हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं, यह बीमारी का खतरा 25 फीसदी तक घटाती हैं

presstv

कोरोना में पुलिस और अस्पताल की मानवीयता:सेवा करने वाले की जान बचाने में जुटी भोपाल पुलिस; सोशल मीडिया पर शुरू किया कैंपेन तो अस्पताल ने माफ कर दिया बिल

presstv

Leave a Comment