August 1, 2021
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महामारी के बीच केंद्र पर राजनीति का आरोप:स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कहा- ऐसा पहली बार कि महामारी के वक्त केंद्र ने सारा भार राज्यों पर डाला, वैक्सीन उत्पादन पर भी झूठ बोला

रायपुर

कोरोना महामारी के बीच केंद्र और राज्य के बीच राजनीति जारी है। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा है कि ऐसा पहली बार कि महामारी के वक्त केंद्र ने सारा भार राज्यों पर डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वैक्सीन उत्पादन पर भी केंद्र सरकार ने झूठ बोला है।

टीएस सिंहदेव ने कहा कि उन्होंने कम से कम भारत में कभी नहीं सुना कि किसी टीकाकरण अभियान में केंद्र अलग खरीदी करता है और राज्य सरकारें अलग। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जब केंद्र सरकार को पता था कि वैक्सीन का उत्पादन पर्याप्त नहीं है तो देश को विश्वास में लेना था। लोगों को बताया जाना था कि वैक्सीन का उत्पादन कम है। जैसे-जैसे उत्पादन बढ़ेगा, टीकाकरण का दायरा बढ़ाया जाएगा। लेकिन यह कहने की बजाय सत्ताधारी दल यह कहता रहा है कि वैक्सीन की कोई कमी नहीं है।

सीरम इंस्टीट्यूट ने 25 लाख डोज वैक्सीन की फिलहाल आपूर्ति करने में जताई असमर्थता

छत्तीसगढ़ में कोरोना वैक्सीनेशन का तीसरा चरण एक मई से शुरू नहीं हो पाएगा। वैक्सीन उत्पादक सीरम इंस्टीट्यूट ने 25 लाख डोज वैक्सीन की फिलहाल आपूर्ति कर पाने में असमर्थता जता दी है। भारत बायोटेक ने जुलाई के आखिरी सप्ताह तक पूरी आपूर्ति की बात कही है। उसकी एक लाख डोज की पहली खेप आज ही रायपुर पहुंचेगी। यह अभियान शुरू करने के लिए नाकाफी है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया, सीरम इंस्टीट्यूट की ओर से जवाब आया है कि वे चार सप्ताह बाद यह बताने की स्थिति में होंगे कि छत्तीसगढ़ को कोवीशील्ड वैक्सीन की आपूर्ति कब-कब और कितनी मात्रा में की जा सकेगी। अभी तक की बातचीत से पता चला है कि अगले चार महीनों के लिए उनका पूरा स्टॉक बुक है। भारत बायोटेक दो दिन पहले ही अपना जवाब दे चुका है। उसके मुताबिक कंपनी की कोवैक्सीन के 25 लाख डोज जुलाई के अंतिम सप्ताह तक छत्तीसगढ़ को मिल पाएंगे।

भारत बायोटेक ने जो शेड्यूल भेजा है उसके मुताबिक मई में वे कोवैक्सिन की 3 लाख डोज भेज पाएंगे। जून में 10 लाख और जुलाई में 12 लाख डोज। एक लाख डोज की पहली खेप शुक्रवार को पहुंच रही है। सिंहदेव ने बताया, इतना ही वैक्सीन रहा तो किसे लगाएंगे और किसे मना करेंगे। ऐसे में पर्याप्त भंडार होने तक अभियान शुरू नहीं होगा।

तीन लाख डोज मिल जाएं तो सीमित केंद्रों से शुरू करेंगे

टीएस सिंहदेव ने बताया, मई महीने में कोवैक्सिन के तीन लाख डोज मिलने हैं। अगर यह पूरा मिल गया तो सीमित केंद्रों पर अभियान शुरू किया जा सकता है। इतनी वैक्सीन से एक महीने तक रोजाना 10 हजार लोगों को टीका लगाया जा सकता है। कम वैक्सीन के साथ रिस्क नहीं लिया जाएगा। वैक्सीन कम पड़ गई तो अभियान रुक सकता है।

राज्य सरकार को ही चलाना है पूरा अभियान

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लिए वैक्सीनेशन का पूरा अभियान राज्य सरकार को ही चलाना है। केंद्र सरकार इसमें कोई मदद नहीं कर रही है। करीब 1 करोड़ 20 से 30 लाख लोगों को यह टीका लगना है। फिलहाल हमने कोवीशील्ड और कोवैक्सिन के 50 लाख डोज का ऑर्डर दे रखा है। केंद्र सरकार जो टीका भेजेगी, उसे 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के टीकाकरण में ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस वर्ग में भी बहुत कम लोगों को टीका लगना बाकी रह गया है।

ऐसा उत्पादन रहा तो वैक्सीनेशन में 23 महीने लगेंगे

बताया गया कि सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक दोनों को मिलाकर वैक्सीन का मासिक उत्पादन 7 करोड़ डोज से कम है। इस मान से देश भर में रोज 24 लाख डोज की आपूर्ति होगी। देश के 80 करोड़ आबादी को वैक्सीन की दो डोज यानी यानी करीब 180 करोड़ डोज लगनी है। उत्पादन इतना ही रहा तो यह अभियान पूरा करने में कम से कम 23 महीने का समय लगेगा।

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