November 27, 2021
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भोपाल मध्य प्रदेश शहडोल

एंटी माफिया अभियान से कोसो दूर है आईपीएल सट्टा किंग, देखते ही देखते बना कॉलोनाइजर

इंट्रो: सूबे के मुख्यमंत्री ने सभी जिले के मुखिया को माफिया एवं आपराधिक तत्वों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये थे और महोदया ने मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन कर उनके मंशानुरूप खरी भी उतरी हैं और आमजनता में अच्छा संदेश दिया है, लेकिन मुख्यालय में स्थित सट्टा किंग पर अबतक प्रभावी कार्रवाई न होने से सट्टामाफियाओं व अवैध कॉलोनाइजरों में प्रशासन का ख़ौफ़ खत्म हो रहा है।

मध्यप्रदेश,शहडोल। मध्य प्रदेश सरकार के एंटी माफिया अभियान के तहत भले ही जिला प्रशासन व पुलिस रसूखदरों और भू माफियाओं सहित अपराधियों के मकानों को ढहाया हो लेकिन शहडोल जिले के संभागीय मुख्यालय में स्थित आईपीएल सट्टा किंग क्रांति अभी भी इस अभियान से कोसों दूर है ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि इतने बड़े अभियान से क्रांति बच निकला और अपने मंसूबे को पूरा करने में भी कामयाब हो गया जोकि आईपीएल 2021 में भी अपने सट्टा को पूरी तरह सम्पन्न कर अब उन मुनाफे के पैसे को कालोनियों में इन्वेस्ट कर रहा है। क्रांति के पुराने इतिहास को अगर खंगाला जाए तो कोतवाली सहित अन्य जिलों में भी कई मामले दर्ज होने के बाद भी इस अभियान से कैसे बच निकला यह तो वह ही बता सकता है या फिर उसके आंका!

6 माह पहले भी थी सुगबुगाहट

बीते 6 माह पहले भी उक्त कथित माफिया पर कार्यवाही की सुगबुगाहट तो हुई थी लेकिन सट्टा किंग अपने आकाओं के कंधे के सहारे बच निकला था। कुछ दिनों पूर्व ही प्रशासन व पुलिस कि संयुक्त टीम द्वारा कल्याणपुर में एक अपराधी का मकान ढहाया था और उसके समीप ही सट्टा किंग का भी कारखाना है जहां कार्यवाही सिर्फ सुगबुगाहट तक सीमित रही।

बुकी बना नामचीन

जानकारों की माने तो नामचीन सटोरिया पहले तो एजेंट था फिर बुकी लेकिन बुकी रहते हुए उसने अपने संबंध वरिष्ठों से ऐसे निभाये की अब वह जिले के नामचीन में गिने जाने लगा है। कल्याणपुर में कारखाना के बाद अब मुख्यालय के समीप बिना सम्पूर्ण दस्तावेजों के क्रांति अपने गुर्गों के माध्यम से कालोनी निर्माण कर मकानों को विक्रय कर रहा है।

क्या अब कसेगा क्रांति पर शिकंजा?

जब प्रशासन द्वारा झुग्गी झोपड़ियों सहित अवैध कब्जा धारियों पर तो 6 माह पहले ही शिकंजा कस दिया था तो यह अपने जुगाड़ से बच निकले थे और अपने मंसूबों पर खरे उतर गए थे लेकिन अब प्रशासनिक फेरबदल के बाद क्या कार्यवाही की गाज इस दिशा में होगी यह बड़ा सवाल है।

जिला रहा अव्वल

आपको बता दें कि प्रथम एंटी माफिया अभियान के दौरान अपराधियों, भूमाफिया और शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों को प्रशासन द्वारा चिन्हित किया गया था और उनके कब्जे से हजारों हेक्टेयर से ज्यादा की सरकारी भूमि मुक्त कराई गई थी और जमीन की अनुमानित कीमत करोडों में आकीं गई थी। जिसमें प्रदेश में शहडोल जिला अपने कार्यवाही को लेके अव्वल रहा।

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