December 6, 2022
THE PRESS TV (द प्रेस टीवी)
congress-leader-rahul-gandhi-targets-bjp-government-on-rising-prices-of-gas-cylinders1_730X365
देश दुनिया राजनीति वर्ल्ड न्यूज विशेष संपादकीय

पीएम मोदी का नेपाल दौरा: चीन के बनाए एयरपोर्ट पर कदम नहीं रखेंगे पीएम मोदी, जानें क्‍या है ड्रैगन का मात देने का प्‍लान

  • करीब एक दशक पहले चीन ने लुंबिनी को विश्व शांति केंद्र के रूप में विकसित करने की पेशकश की थी। चीन ने इस काम के लिए लगभग तीन अरब डॉलर खर्च करने का प्लान बनाया था।

narendra modi| pm | nepal|

पीएम नरेन्द्र मोदी (फोटो सोर्स: @narendramodi)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर बौद्ध संस्कृति और विरासत केंद्र की आधारशिला रखने के लिए आयोजित समारोह में भाग लेने के लिए सोमवार को नेपाल के लुंबिनी की यात्रा पर हैं। पीएम मोदी माया देवी मंदिर गए और अशोक स्तम्भ की प्रक्रिमा भी किया। बौद्ध धर्म को मानने वालों के लिए इस मंदिर में खूब आस्था है। पूजा-अर्चना के दौरान पीएम मोदी के साथ नेपाल के पीएम शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी भी मौजूद रहीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाली पीएम शेर बहादुर देउबा ने सोमवार को लुंबिनी में इंडिया इंटरनेशनल सेंटर फॉर बौद्ध कल्चर एंड हेरिटेज की आधारशिला रखी। बौद्ध केंद्र का निर्माण दशकों बाद अमेरिका, चीन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी और थाईलैंड सहित अधिकांश विदेशी देशों ने बौद्ध दर्शन को बढ़ावा देने के एक साधन के रूप में लुंबिनी में निर्माण करवाया है। इस निर्माण पर करीब 1 अरब रुपये की लागत आने की उम्मीद है और इसे पूरा होने में तीन साल लगेंगे।

चीन द्वारा निर्मित एयरपोर्ट पर नहीं उतरे पीएम मोदी: पीएम मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली नेपाल यात्रा पर हैं। पीएम मोदी का विमान दिल्ली से कुशीनगर पहुंचा और फिर कुशीनगर से लुम्बिनी तक पीएम मोदी ने हेलिकॉप्टर से यात्रा की। चीन द्वारा निर्मित एयरपोर्ट पर न उतरकर पीएम मोदी ने चीन को एक सन्देश दिया है और ये कदम चीन की बेचैनी बढ़ाने वाला है।

भारत के संस्कृति मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि पीएम मोदी लुंबिनी के मायादेवी मंदिर में पूजा करने के अलावा लुंबिनी डेवलपमेंट ट्रस्ट द्वारा आयोजित बुद्ध जयंती कार्यक्रम में भाषण भी देंगे। लुंबिनी में चीन की स्पष्ट रुचि के बीच प्रधानमंत्री मोदी की लुंबिनी यात्रा हो रही है। लगभग एक दशक पहले चीन ने लुंबिनी को विश्व शांति केंद्र के रूप में तीन अरब डॉलर खर्च कर विकसित करने की पेशकश की थी। इसके अलावा चीन के रेलवे को लुंबिनी तक लाने पर बातचीत भी की थी।

दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी होगी। इंडियन एक्सप्रेस को सूत्रों ने बताया कि दोनों पीएम लुंबिनी को कुशीनगर, बोधगया, राजगीर, नालंदा और सारनाथ से जोड़ने वाले प्रस्तावित बौद्ध सर्किट पर चर्चा करेंगे। यह दोनों देशों के विभिन्न स्थलों को जोड़ने वाले रामायण सर्किट के निर्माण की परियोजना के अतिरिक्त होगा।

बीजेपी भी बौद्ध धर्म के साथ भारत के वैश्विक और अखिल एशियाई संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यहां तक ​​कि पार्टी ने दलित समुदाय के समर्थन को मजबूत करने के लिए काम किया है, जो अक्सर बौद्ध धर्म को गले लगाते हैं। 1956 में सबसे प्रतिष्ठित दलित आइकन डॉ बीआर अंबेडकर ने बौद्ध धर्म की ओर रुख किया। एक दलित आइकन (जिसे सबसे प्रमुख नेता माना जाता है) के साथ धर्म का जुड़ाव, जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी और उन्हें भारतीय संविधान में शामिल किया, इसलिए इस दौरे का सामाजिक और राजनीतिक फायदा मिलना तय है।

Related posts

बीते चार सालों में 22 हज़ार से ज़्यादा लोगों की बस हादसों में मौत, अकेले यूपी में क़रीब 5,000

Admin

Chhattisgarh Coronavirus Cases: कोरोना वायरस का कहर, छत्तीसगढ़ में स्कूल-कॉलेज किए गए बंद

presstv

पटियाला हिंसा में मुख्य साजिशकर्ता बरजिंदर सिंह गिरफ्तार, केजरीवाल बोले- किसी को बख्शा नहीं जाएगा

Admin

कोरोना दुनिया में:पिछले 24 घंटे में 7.89 लाख केस बढ़े, 12,551 की जान गई; इजरायल ने भारत समेत 6 देशों की यात्रा पर रोक लगाई

presstv

छत्तीसगढ़ में ठगी करने वाला नकली परिवार

presstv

राजद्रोह क़ानून को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा

presstv

Leave a Comment