November 26, 2022
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IAS के बयान पर भड़कीं उमा, CM से शिकायत:अफसर ने कहा था-2005 में 15% माताएं बेटियों को दूध पिलाती थीं, अभी केवल 42%

भोपाल (साजिद अख्तर-प्रधान सम्पादक)

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 लॉन्च की। इस दौरान सीएम की मौजूदगी में मंच से एक IAS अफसर ने ऐसा बयान दिया, जिस पर बखेड़ा हो गया है। कांग्रेस ने तो आपत्ति जताई ही है। पूर्व सीएम उमा भारती ने भी अधिकारी के इस बयान पर ऐतराज जताया है। अधिकारी का नाम अशोक शाह है, जो महिला बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव हैं।

सबसे पहले जानते हैं, प्रमुख सचिव अशोक शाह ने क्या कहा था

भोपाल में बुधवार को रविन्द्र भवन में आयोजित लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 लॉन्चिंग कार्यक्रम में महिला बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव अशोक शाह भी मौजूद थे। उन्होंने कहा- ‘मेरा सभी माताओं से हाथ जोड़कर निवेदन है कि कृपया आप परिवार में इस बात पर विशेष ध्यान दें कि हमारी बालिकाएं पीछे क्यों रह जाती हैं? उसका कारण है कि 2005 में सिर्फ 15% माताएं बेटियों को दूध पिलाती थीं। आज थोड़ी खुशी है, लेकिन पूरी नहीं। आज 42% माताएं अपनी बेटियों को दूध पिलाती हैं। अगर जन्म के छह महीने तक बेटियों को मां का दूध नहीं मिलता, तो वे हर दृष्टिकोण में पीछे रह जाती हैं। आप आगे आओ सरकार आपके आर्थिक, सामाजिक सशक्तिकरण के लिए साथ खड़ी है। मैं ये नहीं कहता कि बेटों को दूध न पिलाओ, मैं ये कहता हूं कि बेटियों को भी पिलाना चाहिए, ये प्रण लेना पड़ेगा।’

उमा भारती ने इसी बयान पर जताई नाराजगी

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अशोक शाह के बयान पर आपत्ति जताई हैं। उन्होंने कहा ‘वरिष्ठ अधिकारी का बेहद असंगत व हास्यास्पद कथन देखा। मुख्यमंत्री जी महिलाओं के सम्मान के लिए सजग व संवेदनशील हैं। जब मैंने फोन पर बात करके सीएम को यह बात बताई, तो वह इस कथन से असहमत व आश्चर्यचकित थे। मुख्यमंत्री जी की बात से लगा कि समारोह में बहुत शोर के कारण वह इस बात को सुन नहीं पाए’

मुझे लगता है कि सीएम इस कथन को ठीक करने का रास्ता स्वयं निकाल लेंगे। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि “हमारी योजना के कारण अब 42% महिलाएं अपनी बेटियों को दूध पिलाती हैं, जबकि 2005 से पहले वह 15% था। अगर यह कथन सही छपा है, तो यह बेटी विरोधी, माता विरोधी व मध्यप्रदेश की मातृशक्ति की छवि खराब करने वाला है। अधिकारियों को बयान के प्रति सचेत व जिम्मेवार रहना चाहिए। अमीर हो या ग़रीब, बेटा हो या बेटी, बच्चे के जन्मते ही हर मां अपने बच्चे को दूध पिलाती ही है। लाखों में एक केस में कई कारणों से ऐसा नहीं होता होगा। आखिर सारी महिलाएं बेटियां ही हैं, वो जिंदा कैसे रह गईं?

कांग्रेस बोली– लज्जाजनक बयान
कांग्रेस ने भी अधिकारी के इस बयान पर ऐतराज जताया है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि एक अधिकारी महिलाओं के लिए इतना लज्जाजनक और अपमानजनक बयान कैसे दे रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता नरेन्द्र सलुजा ने ये ट्वीट किया –

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